हड़प्पा / सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan / Indus Valley Civilization)

हड़प्पा / सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan / Indus Valley Civilization)


 हड़प्पा सभ्यता का लोकप्रिय नाम सिंधु घाटी की सभ्यता है और इसका काल 2500 ई. पू. से 1750 ई.पू. माना जाता है |  सिंधु घाटी की सभ्यता आद्य-ऐतिहासिक युगकालीन सभ्यता थी | लार्ड कर्जन के शासनकाल में वर्ष 1904 में जॉन मार्शल को भारतीय पुरातात्विक विभाग  (ASI) के महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था | जिनके नेतृत्व में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई हुई थी | वर्ष 1921 में दयाराम सहनी द्वारा हड़प्पा का उत्खनन करने के कारण इसका नाम हड़प्पा सभ्यता पड़ा था और यह सबसे पहला खोजा गया पुराना शहर है | यह सभ्यता सिन्धु नदी के किनारे होने के कारण इसका नाम सिधु घाटी सभ्यता पड़ा और इस सभ्यता को ‘कांस्य सभ्यता’ के नाम से भी जाना जाता है | स्वतंत्रता के बाद भारत में हड़प्पायुगीन स्थलों की सर्वाधिक खोज गुजरात में हुई है |

इस सभ्यता के दो प्रमुख नगर हड़प्पा (पंजाब) और मोहनजोदड़ो (सिंध) हैं जोकि वर्तमान में पकिस्तान में हैं |

मोहनजोदड़ो को ‘सिंध का बाग’, ‘मुर्दों का टीला’ तथा ‘नखलिस्तान’ भी कहा जाता है और इसकी खोज राखल दास बनर्जी ने वर्ष 1922 में की थी |

इस सभ्यता कि लिपि (खोज-1853) अपठनीय है और यहाँ के लोग अफगानिस्तान और इरान(फारस) के साथ व्यापार करते थे |

फसलें और पशुपालन

प्रमुख फसल (कुल नौ )- गेंहूँ एवं जौ (मुख्य फसल), राई, मटर, ज्वार, तिल, सरसों, कपास (सबसे पहले कपास की पैदावार यहीं हुई थी)

पशु – बैल, गाय, बकरी, भेड़, सूअर, हाथी और गैंडा

सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख नगर और सम्बंधित राज्य :- 1. गुजरात— रंगपुर (सौराष्ट्र),  सुरकोतदा, धोलावीरा और लोथल (खोज- ए. रंग्नाथराव, 1954) 2. हरियाणा—  बनावली, कुणाल, राखीगढ़ी 3. पंजाब— रोपड़ (खोज- यज्ञदत्त शर्मा, 1953) 4. महाराष्ट्र—  दायमाबाद 5.उत्तर प्रदेश —आलमगीरपुर (खोज- यज्ञदत्त शर्मा, 1958) 6.जम्मू कश्मीर— मांडा राजस्थान  कालीबंगा (काले रंग कि चूड़ियाँ) (खोज- ब्रजवासी लाल और अमलानंद घोष, 1953)

हड़प्पा सभ्यता का विस्तार:-

हड़प्पा सभ्यता का विस्तार पंजाब, सिन्ध और बलूचिस्तान के अतिरिक्त हरियाणा, राजस्थान और गुजरात तक है तथा उत्तर प्रदेश के पश्चिम क्षेत्र तक था | सर्वाधिक पश्चिमी स्थल- सुत्कागेनडोर, बलूचिस्तान (खोज- ऑरेल स्टाइन और जोर्ज ऍफ़ डेल्स, 1927) सर्वाधिक पूर्वी स्थल-   आलमगीर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) सर्वाधिक उत्तरी स्थल-  मांडा (जम्मू कश्मीर) सर्वाधिक दक्षिणी स्थल- दायमाबाद (महाराष्ट्र)


हड़प्पा काल के समय नदियों के किनारे बसे प्रमुख नगर


मोहनजोदड़ो- सिन्धु नदी

हड़प्पा- रावी नदी

रोपड़- सतलज नदी

मांडा- चिनाब

लोथल- भोगवा नदी

रंगपुर- मदर नदी

कालीबंगा- घघ्घर नदी

सुत्कागेनडोर- दाश्त नदी

आलमगीरपुर- हिंडन नदी

 यह भी देखें 

सिन्धु घाटी सभ्यता से संबंधित प्रमुख तथ्य–

प्रमुख खोजकर्ता- दयाराम साहनी और आर.डी. बनर्जी मोहनजोदड़ो सभ्यता के मुख्य अवशेष-नर्तकी की कांस्य प्रतिमा, योगी के चित्र वाली मुहर, सूती कपड़े के साक्ष्य तथा मानव अस्थि-पंजर हड़प्पा सभ्यता के मुख्य अवशेष-मातृदेवी की मूर्ति, 12 कमरों वाला अन्नागार और कांस्य की इक्कागाड़ी सामाजिक पद्धति— उचित समतावादी

सर्वप्रथम घोड़े के अवशेष— सुरकोटदा
घर निर्माण— ईंटों से
प्रमुख बंदरगाह— लोथल (गुजरात)
हल से खेत जोतने के साक्ष्य— कालीबंगा
ईंटों से निर्माण— कालीबंगा
बड़ा स्नानघर— मोहनजोदड़ो
मुद्रा पर देवता का चित्र— आघशिव
मोहरों पर चित्रित पशु— बैल

सर्वप्रथम प्रयोग में लायी जाने वाली धातु— ताँबा
धातु से अपरिचित— लोहा
सभ्यता का काल— ताम्रयुग
सर्वाधिक रुचिकर खेल— शतरंज
चाँदी के साक्ष्य— हड़प्पा सभ्यता
जलप्रबंधन का स्थान— धोलावीरा से
मिट्टी के बर्तनों का रंग— लाल रंग
आस्था कि देवी— मातृशक्ति
मोहर निर्माण में प्रयुक्त सामग्री— सेलखड़ी
नृत्य मुद्रा वाली स्त्री की कांस्य मूर्ति— मोहनजोदड़ो

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