वाक्यांश या शब्द–समूह -- शब्द
- हाथी हाँकने का छोटा भाला— अंकुश
- जो कहा न जा सके— अकथनीय
- जिसे क्षमा न किया जा सके— अक्षम्य
- जिस स्थान पर कोई न जा सके— अगम्य
- जो कभी बूढ़ा न हो— अजर
- जिसका कोई शत्रु न हो— अजातशत्रु
- जो जीता न जा सके— अजेय
- जो दिखाई न पड़े— अदृश्य
- जिसके समान कोई न हो— अद्वितीय
- हृदय की बातेँ जानने वाला— अन्तर्यामी
- पृथ्वी, ग्रहोँ और तारोँ आदि का स्थान— अन्तरिक्ष
- दोपहर बाद का समय— अपराह्न
- जो सामान्य नियम के विरुद्ध हो— अपवाद
- जिस पर मुकदमा चल रहा हो/अपराध करने का आरोप हो/अभियोग लगाया गया हो— अभियुक्त
- जो पहले कभी नहीँ हुआ— अभूतपूर्व
- फेँक कर चलाया जाने वाला हथियार— अस्त्र
- जिसकी गिनती न हो सके— अगणित/अगणनीय
- जो पहले पढ़ा हुआ न हो— अपठित
- जिसके आने की तिथि निश्चित न हो— अतिथि
- कमर के नीचे पहने जाने वाला वस्त्र— अधोवस्त्र
- जिसके बारे मेँ कोई निश्चय न हो— अनिश्चित
- जिसका भाषा द्वारा वर्णन असंभव हो— अनिर्वचनीय
- अत्यधिक बढ़ा–चढ़ा कर कही गई बात— अतिशयोक्ति
- सबसे आगे रहने वाला— अग्रणी
- जो पहले जन्मा हो— अग्रज
- जो बाद मेँ जन्मा हो— अनुज
- जो इंद्रियोँ द्वारा न जाना जा सके— अगोचर
- जिसका पता न हो— अज्ञात
- आगे आने वाला— आगामी
- अण्डे से जन्म लेने वाला— अण्डज
- जो छूने योग्य न हो— अछूत
- जो छुआ न गया हो— अछूता
- जो अपने स्थान या स्थिति से अलग न किया जा सके— अच्युत
- जो अपनी बात से टले नहीँ— अटल
- जिस पुस्तक मेँ आठ अध्याय होँ— अष्टाध्यायी
- आवश्यकता से अधिक बरसात— अतिवृष्टि
- बरसात बिल्कुल न होना— अनावृष्टि
- बहुत कम बरसात होना— अल्पवृष्टि
- इंद्रियोँ की पहुँच से बाहर— अतीन्द्रिय/इंद्रयातीत
- सीमा का अनुचित उल्लंघन— अतिक्रमण
- जो बीत गया हो— अतीत
- जिसकी गहराई का पता न लग सके— अथाह
- आगे का विचार न कर सकने वाला— अदूरदर्शी
- जो आज तक से सम्बन्ध रखता है— अद्यतन
- आदेश जो निश्चित अवधि तक लागू हो— अध्यादेश
- जिस पर किसी ने अधिकार कर लिया हो— अधिकृत
- वह सूचना जो सरकार की ओर से जारी हो— अधिसूचना
- विधायिका द्वारा स्वीकृत नियम— अधिनियम
- अविवाहित महिला— अनूढ़ा
- वह स्त्री जिसके पति ने दूसरी शादी कर ली हो— अध्यूढ़ा
- दूसरे की विवाहित स्त्री— अन्योढ़ा
- गुरु के पास रहकर पढ़ने वाला— अन्तेवासी
- पहाड़ के ऊपर की समतल जमीन— अधित्यका
- जिसके हस्ताक्षर नीचे अंकित हैँ— अधोहस्ताक्षरकर्त्ता
- एक भाषा के विचारोँ को दूसरी भाषा मेँ व्यक्त करना— अनुवाद
- किसी सम्प्रदाय का समर्थन करने वाला— अनुयायी
- किसी प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया— अनुमोदन
- जिसके माता–पिता न होँ— अनाथ
- जिसका जन्म निम्न वर्ण मेँ हुआ हो— अंत्यज
- परम्परा से चली आई कथा— अनुश्रुति
- जिसका कोई दूसरा उपाय न हो— अनन्योपाय
- वह भाई जो अन्य माता से उत्पन्न हुआ हो— अन्योदर
- पलक को बिना झपकाए— अनिमेष/निर्निमेष
- जो बुलाया न गया हो— अनाहूत
- जो ढका हुआ न हो— अनावृत
- जो दोहराया न गया हो— अनावर्त
- पहले लिखे गए पत्र का स्मरण— अनुस्मारक
- पीछे–पीछे चलने वाला/अनुसरण करने वाला— अनुगामी
- महल का वह भाग जहाँ रानियाँ निवास करती हैँ— अंतःपुर/रनिवास
- जिसे किसी बात का पता न हो— अनभिज्ञ/अज्ञ
- जिसका आदर न किया गया हो— अनादृत
- जिसका मन कहीँ अन्यत्र लगा हो— अन्यमनस्क
- जो धन को व्यर्थ ही खर्च करता हो— अपव्ययी
- आवश्यकता से अधिक धन का संचय न करना— अपरिग्रह
- जो किसी पर अभियोग लगाए— अभियोगी
- जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध है— अपथ्य
- जिस वस्त्र को पहना न गया हो— अप्रहत
- न जोता गया खेत— अप्रहत
- जो बिन माँगे मिल जाए— अयाचित
- जो कम बोलता हो— अल्पभाषी/मितभाषी
- आदेश की अवहेलना— अवज्ञा
- जो बिना वेतन के कार्य करता हो— अवैतनिक
- जो व्यक्ति विदेश मेँ रहता हो— अप्रवासी
- जो सहनशील न हो— असहिष्णु
- जिसका कभी अन्त न हो— अनन्त
- जिसका दमन न किया जा सके— अदम्य
- जिसका स्पर्श करना वर्जित हो— अस्पृश्य
- जिसका विश्वास न किया जा सके— अविश्वस्त
- जो कभी नष्ट न होने वाला हो— अनश्वर
- जो रचना अन्य भाषा की अनुवाद हो— अनूदित
- जिसके पास कुछ न हो अर्थात् दरिद्र— अकिँचन
- जो कभी मरता न हो— अमर
- जो सुना हुआ न हो— अश्रव्य
- जिसको भेदा न जा सके— अभेद्य
- जो साधा न जा सके— असाध्य
- जो चीज इस संसार मेँ न हो— अलौकिक
- जो बाह्य संसार के ज्ञान से अनभिज्ञ हो— अलोकज्ञ
- जिसे लाँघा न जा सके— अलंघनीय
- जिसकी तुलना न हो सके— अतुलनीय
- जिसके आदि (प्रारम्भ) का पता न हो— अनादि
- जिसकी सबसे पहले गणना की जाये— अग्रगण
- सभी जातियोँ से सम्बन्ध रखने वाला— अन्तर्जातीय
- जिसकी कोई उपमा न हो— अनुपम
- जिसका वर्णन न हो सके— अवर्णनीय
- जिसका खंडन न किया जा सके— अखंडनीय
- जिसे जाना न जा सके— अज्ञेय
- जो बहुत गहरा हो— अगाध
- जिसका चिँतन न किया जा सके— अचिँत्य
- जिसको काटा न जा सके— अकाट्य
- जिसको त्यागा न जा सके— अत्याज्य
- वास्तविक मूल्य से अधिक लिया जाने वाला मूल्य— अधिमूल्य
- अन्य से संबंध न रखने वाला/किसी एक मेँ ही आस्था रखने वाला— अनन्य
- जो बिना अन्तर के घटित हो— अनन्तर
- जिसका कोई घर (निकेत) न हो— अनिकेत
- कनिष्ठा (सबसे छोटी) और मध्यमा के बीच की उँगली— अनामिका
- मूलकथा मेँ आने वाला प्रसंग, लघु कथा— अंतःकथा
- जिसका निवारण न किया जा सके/जिसे करना आवश्यक हो— अनिवार्य
- जिसका विरोध न हुआ हो या न हो सके— अनिरुद्ध/अविरोधी
- जिसका किसी मेँ लगाव या प्रेम हो— अनुरक्त
- जो अनुग्रह (कृपा) से युक्त हो— अनुगृहीत
- जिस पर आक्रमण न किया गया हो— अनाक्रांत
- जिसका उत्तर न दिया गया हो— अनुत्तरित
- अनुकरण करने योग्य— अनुकरणीय
- जो कभी न आया हो (भविष्य)— अनागत
- जो श्रेष्ठ गुणोँ से युक्त न हो— अनार्य
- जिसकी अपेक्षा हो— अपेक्षित
- जो मापा न जा सके— अपरिमेय
- नीचे की ओर लाना या खीँचना— अपकर्ष
- जो सामने न हो— अप्रत्यक्ष/परोक्ष
- जिसकी आशा न की गई हो— अप्रत्याशित
- जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके— अप्रमेय
- किसी काम के बार–बार करने के अनुभव वाला— अभ्यस्त
- किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा— अभीप्सा
- जो साहित्य कला आदि मेँ रस न ले— अरसिक
- जिसको प्राप्त न किया जा सके
- जो कम जानता हो— अल्पज्ञ
- जो वध करने योग्य न हो— अवध्य
- जो विधि या कानून के विरुद्ध हो— अवैध
- जो भला–बुरा न समझता हो अथवा सोच–समझकर काम न करता हो— अविवेकी
- जिसका विभाजन न किया जा सके— अविभाज्य/अभाज्य
- जिसका विभाजन न किया गया हो— अविभक्त
- जिस पर विचार न किया गया हो— अविचारित
- जो कार्य अवश्य होने वाला हो— अवश्यंभावी
- जिसको व्यवहार मेँ न लाया गया हो— अव्यवहृत
- जो स्त्री सूर्य भी नहीँ देख पाती— असूर्यपश्या
- न हो सकने वाला कार्य आदि— अशक्य
- जो शोक करने योग्य नहीँ हो— अशोक्य
- जो कहने, सुनने, देखने मेँ लज्जापूर्ण, घिनौना हो— अश्लील
- जिस रोग का इलाज न किया जा सके— असाध्य रोग/लाइलाज
- जिससे पार न पाई जा सके— अपार
- बूढ़ा–सा दिखने वाला व्यक्ति— अधेड़
- जिसका कोई मूल्य न हो— अमूल्य
- जो मृत्यु के समीप हो— आसन्नमृत्यु
- किसी बात पर बार–बार जोर देना— आग्रह
- वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो— आगतपतिका
- जिसकी भुजाएँ घुटनोँ तक लम्बी होँ— आजानुबाहु
- मृत्युपर्यन्त— आमरण
- जो अपने ऊपर निर्भर हो— आत्मनिर्भर/स्वावलंबी
- व्यर्थ का प्रदर्शन— आडम्बर
- पूरे जीवन तक— आजीवन
- अपनी हत्या स्वयं करना— आत्महत्या
- अपनी प्रशंसा स्वयं करने वाला— आत्मश्लाघी
- कोई ऐसी वस्तु बनाना जिसको पहले कोई न जानता हो— आविष्कार
- ईश्वर मेँ विश्वास रखने वाला— आस्तिक
- शीघ्र प्रसन्न होने वाला— आशुतोष
- विदेश से देश मेँ माल मँगाना— आयात
- सिर से पाँव तक— आपादमस्तक
- प्रारम्भ से लेकर अंत तक— आद्योपान्त
- अपनी हत्या स्वयं करने वाला— आत्मघाती
- जो अतिथि का सत्कार करता है— आतिथेय/मेजबान
- दूसरे के हित मेँ अपना जीवन त्याग देना— आत्मोत्सर्ग
- जो बहुत क्रूर व्यवहार करता हो— आततायी
- जिसका सम्बन्ध आत्मा से हो— आध्यात्मिक
- जिस पर हमला किया गया हो— आक्रांत
- जिसने हमला किया हो— आक्रांता
- जिसे सूँघा न जा सके— आघ्रेय
- जिसकी कोई आशा न की गई हो— आशातीत
- जो कभी निराश होना न जाने— आशावादी
- किसी नई चीज की खोज करने वाला— आविष्कारक
- जो गुण–दोष का विवेचन करता हो— आलोचक
- जो जन्म लेते ही गिर या मर गया हो— आजन्मपात
- वह कवि जो तत्काल कविता कर सके— आशुकवि
- पवित्र आचरण वाला— आचारपूत
- लेखक द्वारा स्वयं की लिखी गई जीवनी— आत्मकथा
- वह चीज जिसकी चाह हो— इच्छित
- किन्हीँ घटनाओँ का कालक्रम से किया गया वर्णन— इतिवृत्त
- इस लोक से संबंधित— इहलौकिक
- जो इन्द्र पर विजय प्राप्त कर चुका हो— इंद्रजीत
- माँ–बाप का अकेला लड़का— इकलौता
- जो इन्द्रियोँ से परे हो/जो इन्द्रियोँ के द्वारा ज्ञात न हो— इन्द्रियातीत
- दूसरे की उन्नति से जलना— ईर्ष्या
- उत्तर और पूर्व के बीच की दिशा— ईशान/ईशान्य
- पर्वत की निचली समतल भूमि— उपत्यका
- दूसरे के खाने से बची वस्तु— उच्छिष्ट
- किसी भी नियम का पालन नहीँ करने वाला— उच्छृंखल
- वह पर्वत जहाँ से सूर्य और चन्द्रमा उदित होते माने जाते हैँ— उदयाचल
- जिसके ऊपर किसी का उपकार हो— उपकृत
- ऐसी जमीन जो अच्छी उत्पादक हो— उर्वरा
- जो छाती के बल चलता हो (साँप आदि)— उरग
- जिसने अपना ऋण पूरा चुका दिया हो— उऋण
- जिसका मन जगत से उचट गया हो— उदासीन
- जिसकी दोनोँ मेँ निष्ठा हो— उभयनिष्ठ
- ऊपर की ओर जाने वाला— उर्ध्वगामी
- नदी के निकलने का स्थान— उद्गम
- किसी वस्तु के निर्माण मेँ सहायक साधन— उपकरण
- जो उपासना के योग्य हो— उपास्य
- मरने के बाद सम्पत्ति का मालिक— उत्तराधिकारी/वारिस
- सूर्योदय की लालिमा— उषा
- जिसका ऊपर कथन किया गया हो— उपर्युक्त
- कुँए के पास का वह जल कुंड जिसमेँ पशु पानी पीते हैँ— उबारा
- छोटी–बड़ी वस्तुओँ को उठा ले जाने वाला— उठाईगिरा
- जिस भूमि मेँ कुछ भी पैदा न होता हो— ऊसर
- सूर्यास्त के समय दिखने वाली लालिमा— ऊषा
- विचारोँ का ऐसा प्रवाह जिससे कोई निष्कर्ष न निकले— ऊहापोह
- कई जगह से मिलाकर इकट्ठा किया हुआ— एकीकृत
- सांसारिक वस्तुओँ को प्राप्त करने की इच्छा— एषणा
- वह स्थिति जो अंतिक निर्णायक हो, निश्चित— एकांतिक
- जो व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर हो— ऐच्छिक
- इंद्रियोँ को भ्रमित करने वाला— ऐँद्रजालिक
- लकड़ी या पत्थर का बना पात्र जिसमेँ अन्न कूटा जाता है— ओखली
- साँप–बिच्छू के जहर या भूत–प्रेत के भय को मंत्रोँ से झाड़ने वाला— ओझा
- जो उपनिषदोँ से संबंधित हो— औपनिषदिक
- जो मात्र शिष्टाचार, व्यावहारिकता के लिए हो— औपचारिक
- विवाहिता पत्नी से उत्पन्न संतान— औरस
- हड्डियोँ का ढाँचा— कंकाल
- दो व्यक्तियोँ के बीच परस्पर होने वाली बातचीत— कथोपकथन
- बर्तन बेचने वाला— कसेरा
- जिसे अपने मत या विश्वास का अधिक आग्रह हो— कट्टर
- जिसकी कल्पना न की जा सके— कल्पनातीत
- ऐसा अन्न जो खाने योग्य न हो— कदन्न
- हाथी का बच्चा— कलभ
- कर्म मेँ तत्पर रहने वाला— कर्मठ
- एक के बाद एक— क्रम
- कान मेँ कही जाने वाली बात— कानाबाती/कानाफूसी
- सरकार का वह अंग जो कानून का पालन करता है— कार्यपालिका
- शृंगारिक वासनाओँ के प्रति आकर्षित— कामुक
- जो दुःख या भय से पीड़ित हो— कातर
- अपनी गलती स्वीकार करने वाला— कायल
- दूसरे की हत्या करने वाला— कातिल
- बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच की अवस्था— किशोरावस्था
- जो बात पूर्वकाल से लोगोँ मेँ सुनकर प्रचलित हो— किँवदन्ती/जनश्रुति
- अपने काम के बारे मेँ कुछ निश्चय न करने वाला— किँकर्तव्यविमूढ़
- वृक्ष लता आदि से ढका स्थान— कुञ्ज
- जिस लड़के का विवाह न हुआ हो— कुमार
- ऐसी लड़की जिसका विवाह न हुआ हो— कुमारी
- बुरे कार्य करने वाला— कुकर्मी
- बुरे मार्ग पर चलने वाला— कुमार्गी
- जिसकी बुद्धि बहुत तेज हो— कुशाग्रबुद्धि
- जो अच्छे कुल मेँ उत्पन्न हुआ हो— कुलीन
- वह व्यक्ति जिसका ज्ञान अपने ही स्थान तक सीमित हो— कूपमंडूक
- किए गए उपकार को मानने वाला— कृतज्ञ
- किए गए उपकार को न मानने वाला— कृतघ्न
- जो धन को अत्यधिक कंजूसी से खर्च करता हो— कृपण
- जिसने संकल्प कर रखा है— कृतसंकल्प
- जो केन्द्र से हटकर दूर जाता हो— केन्द्रापसारी
- जो केन्द्र की ओर उन्मुख हो— केन्द्राभिसारी/केन्द्राभिमुख
- सर्प के शरीर से निकली हुई खोली— केँचुली
- जो क्षमा किया जा सके— क्षम्य
- जिसका कुछ ही समय मेँ नाश हो जाए— क्षणभंगुर
- जहाँ धरती और आकाश मिलते हुए दिखाई देते हैँ— क्षितिज
- जो भूख मिटाने के लिए बेचैन हो— क्षुधातुर
- भूख से पीड़ित— क्षुधार्त
- वह स्त्री जिसका पति अन्य स्त्री के साथ रात को रहकर प्रातः लौटे— खंडिता
- आकाशीय पिँडोँ का विवेचन करने वाला— खगोलशास्त्री
- जो व्यक्ति अपने हाथ मेँ तलवार लिए रहता है— खड्गहस्त
- नायक का प्रतिद्वन्द्वी— खलनायक
- जहाँ से गंगा नदी का उद्गम होता है— गंगोत्री
- शरीर का व्यापार करने वाली स्त्री— गणिका
- जो आकाश को छू रहा हो— गगनस्पर्शी
- पहले से चली आ रही परम्परा का अनुपालन करने वाला— गतानुगतिक
- ग्रहण करने योग्य— ग्राह्य
- गीत गाने वाला/वाली— गायक/गायिका
- गीत रचने वाला— गीतकार
- हर पदार्थ को अपनी ओर आकृष्ट करने वाली शक्ति— गुरुत्वाकर्षण
- जो बात गूढ़ (रहस्यपूर्ण) हो— गूढ़ोक्ति
- जीवन का द्वितीय आश्रम— गृहस्थाश्रम
- गायोँ के खुरोँ से उड़ी धूल— गोधूलि
- जब गायेँ जंगल से लौटती हैँ और उनके चलने की धूल आसमान मेँ उड़ती है (दिन और रात्रि के बीच का समय)— गोधूलि बेल
- गायोँ के रहने का स्थान— गौशाला
- घास खोदकर जीवन–निर्वाह करने वाला— घसियारा
- शरीर की हानि करने वाला— घातक
- जो घृणा का पात्र हो— घृणित/घृणास्पद
- जिसके सिर पर चंद्रकला हो (शिव)— चंद्रचूड़/चंद्रशेखर
- वह कृति जिसमेँ गद्य और पद्य दोनोँ होँ— चंपू
- चक्र के रूप मेँ घूमती हुई चलने वाली हवा— चक्रवात
- ब्याज का वह प्रकार जिसमेँ मूल ब्याज पर भी ब्याज लगता है— चक्रवृद्धि ब्याज
- जिसके हाथ मेँ चक्र हो— चक्रपाणि
- चार भुजाओँ वाला— चतुर्भुज
- कार्य करने की इच्छा— चिक्कीर्षा
- लंबे समय तक जीने वाला— चिरंजीवी
- जो चिरकाल से चला आया है— चिरंतन
- जो बहुत समय तक ठहर सके— चिरस्थायी
- चिँता (चिँतन) करने योग्य बात— चिँतनीय/चिँत्य
- जिस पर चिह्न लगाया गया हो— चिह्नित
- चार पैरोँ वाला— चौपाया/चतुष्पद
- जो गुप्त रूप से निवास कर रहा हो— छद्मवासी
- दूसरोँ के केवल दोषोँ को खोजने वाला— छिद्रान्वेषी
- पत्थर को गढ़ने वाला औजार— छैनी
- एक स्थान से दूसरे स्थान पर चलने वाला— जंगम
- पेट की अग्नि— जठराग्नि
- बारात ठहरने का स्थान— जनवासा
- जो जल बरसाता हो— जलद
- जो जल से उत्पन्न हो— जलज
- वह पहाड़ जिसके मुख से आग निकले— ज्वालामुखी
- जल मेँ रहने वाला जीव— जलचर
- जनता द्वारा चलाया जाने वाला तंत्र— जनतंत्र
- उम्र मेँ बड़ा— ज्येष्ठ
- जो चमत्कारी क्रियाओँ का प्रदर्शन करता हो— जादूगर
- जिसने आत्मा को जीत लिया हो— जितात्मा
- जानने की इच्छा रखने वाला— जिज्ञासु
- इन्द्रियोँ को वश मेँ करने वाला— जितेन्द्रिय
- किसी के जीवन–भर के कार्योँ का विवरण— जीवन–चरित्र
- जो जीतने के योग्य हो— जेय
- जेठ (पति का बड़ा भाई) का पुत्र— जेठोत
- स्त्रियोँ द्वारा अपनी इज्जत बचाने के लिए किया गया सामूहिक अग्नि-प्रवेश— जौहर
- ज्ञान देने वाली— ज्ञानदा
- जो ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखता हो— ज्ञानपिपासु
- बहुत गहरा तथा बहुत बड़ा प्राकृतिक जलाशय— झील
- जहाँ सिक्कोँ की ढलाई होती है— टकसाल
- बर्तन बनाने वाला— ठठेरा
- जनता को सूचना देने हेतु बजाया जाने वाला वाद्य— ढिँढोरा
- जो किसी भी गुट मेँ न हो— तटस्थ/निर्गुट
- हल्की नीँद— तन्द्रा
- जो किसी कार्य या चिन्तन मेँ डूबा हो— तल्लीन
- ऋषियोँ के तप करने की भूमि— तपोभूमि
- उसी समय का— तत्कालीन
- वह राजकीय धन जो किसानोँ की सहायता हेतु दिया जाता है— तक़ाबी
- जिसमेँ बाण रखे जाते हैँ— तरकश/तूणीर
- जो चोरी–छिपे माल लाता ले जाता हो— तस्कर
- किसी को पद छोड़ने के लिए लिखा गया पत्र— त्यागपत्र
- तर्क करने वाला व्यक्ति— तार्किक
- दैहिक, दैविक और भौतिक सुख— तापत्रय
- तैर कर पार जाने की इच्छा— तितीर्षा
- ज्ञान मेँ प्रवेश का मार्गदर्शक— तीर्थँकर
- वह व्यक्ति जो छुटकारा दिलाता है/रक्षा करता है— त्राता
- दुखान्त नाटक— त्रासदी
- भूत, वर्तमान और भविष्य को जानने/देखने वाला— त्रिकालज्ञ/त्रिकालदर्शी
- गंगा, जमुना और सरस्वती नदी का संगम— त्रिवेणी
- जिसके तीन आँखे हैँ— त्रिनेत्र
- वह स्थान जो दोनोँ भृकुटिओँ के बीच होता है— त्रिकुटी
- तीन महीने मेँ एक बार— त्रैमासिक
- जो धरती पर निवास करता हो— थलचर
- पति और पत्नी का जोड़ा— दंपती
- दस वर्षोँ की समयावधि— दशक
- गोद लिया हुआ पुत्र— दत्तक
- संकुचित विचार रखने वाला— दक़ियानूस
- धन जो विवाह के समय पुत्री के पिता से प्राप्त हो— दहेज
- जंगल मेँ फैलने वाली आग— दावानल
- दिन भर का कार्यक्रम— दिनचर्या
- दिखने मात्र को अच्छा लगने वाल— दिखावटी
- जो सपना दिन (दिवा) मेँ देखा जाता है— दिवास्वप्न
- दो बार जन्म लेने वाला (ब्राह्मण, पक्षी, दाँत)— द्विज
- जिसने दीक्षा ली हो— दीक्षित
- अनुचित बात के लिए आग्रह— दुराग्रह
- बुरे भाव से की गई संधि— दुरभिसंधि
- वह कार्य जिसको करना कठिन हो— दुष्कर
- दो विभिन्न भाषाएँ जानने वाले व्यक्तियोँ को एक–दूसरे की बात समझाने वाला— दुभाषिया
- जो शीघ्रता से चलता हो— द्रुतगामी
- जिसे कठिनाई से जाना जा सके— दुर्ज्ञेय
- जिसको पकड़ने मेँ कठिनाई हो— दुरभिग्रह/दुग्राह्य
- पति के स्नेह से वंचित स्त्री— दुर्भगा
- जिसे कठिनता से साधा/सिद्ध किया जा सके— दुस्साध्य
- जो कठिनाई से समझ मेँ आता है— दुर्बोध
- वह मार्ग जो चलने मेँ कठिनाई पैदा करता है— दुर्गम
- जिसमेँ खराब आदतेँ होँ— दुर्व्यसनी
- जिसको मापना कठिन हो— दुष्परिमेय
- जिसको जीतना बहुत कठिन हो— दुर्जेय
- वह बच्चा जो अभी माँ के दूध पर निर्भर है— दुधमुँहा
- बुरे भाग्य वाला— दुर्भाग्यशाली
- जिसमेँ दया भावना हो— दयालु
- जिसका आचरण बुरा हो— दुराचारी
- दूध पर आधारित रहने वाला— दुग्धाहारी
- जिसकी प्राप्ति कठिन हो— दुर्लभ
- जिसका दमन करना कठिन हो— दुर्दमनीय
- आगे की बात सोचने वाला व्यक्ति— दूरदर्शी
- देश से द्रोह करने वाला— देशद्रोही
- देह से सम्बन्धित— दैहिक
- देव के द्वारा किया हुआ— दैविक
- प्रतिदिन होने वाला— दैनिक
- धन से सम्पन्न— धनी
- जो धनुष को धारण करता हो— धनुर्धर
- धन की इच्छा रखने वाला— धनेच्छु
- गरीबोँ के लिए दान के रूप मेँ दिया जाने वाला अन्न–धन आदि— धर्मादा
- जिसकी धर्म मेँ निष्ठा हो— धर्मनिष्ठा
- किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु— धरोहर/थाती
- मछली पकड़कर आजीविका चलाने वाला— धीवर
- जो धीरज रखता हो— धीर
- धुरी को धारण करने वाला अर्थात् आधारभूत कार्योँ मेँ प्रवीण— धुरंधर
- अपने स्थान पर अटल रहने वाला— ध्रुव
- ध्यान करने योग्य अथवा लक्ष्य— ध्येय
- ध्यान करने वाला— ध्याता/ध्यानी
- जिसका जन्म अभी–अभी हुआ हो— नवजात
- गाय को दुहते समय बछड़े का गला बाँधने की रस्सी जो गाय के पैरोँ मेँ बाँधी जाती है— नवि
- जो नया–नया आया है— नवागंतुक
- जिसका उदय हाल ही मेँ हुआ है— नवोदित
- जो आकाश मेँ विचरण करता है— नभचर
- सम्मान मेँ दी जाने वाली भेँट— नजराना
- जिस स्त्री का विवाह अभी हुआ हो— नवोढ़ा
- ईश्वर मेँ विश्वास न रखने वाला— नास्तिक
- पुराना घाव जो रिसता रहता हो— नासूर
- जो नष्ट होने वाला हो— नाशवान/नश्वर
- नरक के योग्य— नारकीय
- वह स्थान या दुकान जहाँ हजामत बनाई जाती है— नापितशाला
- किसी से भी न डरने वाला— निडर/निर्भीक
- जो कपट से रहित है— निष्कपट
- जो पढ़ना–लिखना न जानता हो— निरक्षर
- जिसका कोई अर्थ न हो— निरर्थक
- जिसे कोई इच्छा न हो— निस्पृह
- रात मेँ विचरण करने वाला— निशाचर
- जिसका आकार न हो— निराकार
- केवल शाक, फल एवं फूल खाने वाला या जो मांस न खाता हो— निरामिष
- जिससे किसी प्रकार की हानि न हो— निरापद
- जिसके अवयव न हो— निरवयव
- बिना भोजन (आहार) के— निराहार
- जो यह मानता है कि संसार मेँ कुछ भी अच्छा होने की आशा नहीँ है— निराशावादी
- जो उत्तर न दे सके— निरुत्तर
- जिसके कोई दाग/कलंक न हो— निष्कलंक
- जिसमेँ कोई कंटक/अड़चन न हो— निष्कंटक
- जिसका अपना कोई शुल्क न हो— निःशुल्क
- जिसके संतान न हो— निःसंतान
- जिसका अपना कोई स्वार्थ न हो— निस्स्वार्थ
- व्यापारिक वस्तुओँ को किसी दूसरे देश मेँ भेजने का कार्य— निर्यात
- जिसको देश से निकाल दिया गया हो— निर्वासित
- बिना किसी बाधा के— निर्बाध
- जो ममत्व से रहित हो— निर्मम
- जिसकी किसी से उपमा/तुलना न दी जा सके— निरुपम
- जो निर्णय करने वाला हो— निर्णायक
- जिसे किसी चीज की लालसा न हो— निष्काम
- जिसमेँ किसी बात का विवाद न हो— निर्विवाद
- जो निन्दा करने योग्य हो— निन्दनीय
- जिसमेँ किसी प्रकार का विकार उत्पन्न न हो— निर्विकार
- जो लज्जा से रहित हो— निर्लज्ज
- जिसको भय न हो— निर्भय
- जो नीति जानता हो— नीतिज्ञ
- रंगमंच पर पर्दे के पीछे का स्थान— नेपथ्य
- आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत करने वाला— नैष्ठिक
- जो नीति के अनुकूल हो— नैतिक
- जो न्यायशास्त्र की बात जानता हो— नैयायिक
- घृत, दुग्ध, दधि, शहद व शक्कर से बनने वाला पदार्थ— पंचामृत
- पक्षपात करने वाला— पक्षपाती
- पदार्थ का सबसे छोटा कण— परमाणु
- जितने की आवश्यकता हो उतना— पर्याप्त
- महीने के दो पक्षोँ मेँ से एक— पखवाड़ा
- नाटक का पर्दा गिरना— पटाक्षेप/यवनिकापतन
- अपनी गलती के लिए किया हुआ दुःख— पश्चाताप
- केवल अपने पति मेँ अनुराग रखने वाली स्त्री— पतिव्रता
- पति को चुनने की इच्छा वाली कन्या— पतिम्वरा
- उपाय/मार्ग बताने वाला— पथ-प्रदर्शक/मार्गदर्शक
- अपने मार्ग से च्युत/भटका हुआ— पथभ्रष्ट
- अपने पद से हटाया हुआ— पदच्युत
- जो भोजन रोगी के लिए उचित है— पथ्य
- घूमने–फिरने/देश–देशान्तर भ्रमण करने वाला यात्री— पर्यटक
- केवल दूध पर निर्भर रहने वाला— पयोहारी
- दूसरोँ पर निर्भर रहने वाला— पराश्रित/पराश्रयी
- परपुरुष से प्रेम करने वाली स्त्री— परकीया
- पति द्वारा छोड़ दी गई पत्नी— परित्यका
- दूसरे का मुँह ताकने वाला— परमुखापेक्षी
- जो पहनने लायक हो— परिधेय
- जो मापा जा सके— परिमेय
- जो सदा बदलता रहे— परिवर्तनशील
- जो आँखोँ के सामने न हो— परोक्ष/अप्रत्यक्ष
- दूसरे पर उपकार करने वाला— परोपकारी/परमार्थी
- जो पूरी तरह से पक चुका हो/पारंगत हो चुका हो— परिपक्व
- पर्दे के अंदर रहने वाली— पर्दानशीन
- प्रशंसा करने योग्य— प्रशंसनीय
- किसी प्रश्न का तत्काल उत्तर दे सकने वाली मति— प्रत्युत्पन्नमति
- किसी वाद का विरोध करने वाला— प्रतिवादी
- शरणागत की रक्षा करने वाला— प्रणतपाल
- वह ध्वनि जो कहीँ से टकराकर आए— प्रतिध्वनि
- जो किसी मत को सर्वप्रथम चलाता है— प्रवर्तक
- वह स्त्री जिसके हाल ही मेँ शिशु उत्पन्न हुआ हो— प्रसूता
- वह आकृति जो किसी शीशे, जल आदि मेँ दिखाई दे— प्रतिबिम्ब
- हास्य रस से परिपूर्ण नाटिका— प्रहसन
- प्रमाण द्वारा सिद्ध करने योग्य— प्रमेय
- संध्या के बाद व रात्रि होने के पूर्व का समय— प्रदोष/पूर्वरात्र
- ज्ञान नेत्र से देखने वाला अंधा व्यक्ति— प्रज्ञाचक्षु
- सभा मेँ विचारार्थ प्रस्तुत बात— प्रस्ताव
- हाथ से लिखी गई पुस्तक— पाण्डुलिपि
- किसी परिश्रम के बदले मिलने वाली राशि— पारिश्रमिक
- जिसका स्वभाव पशुओँ के समान हो— पाशविक
- महीने के प्रत्येक पक्ष से संबंधित— पाक्षिक
- किसी विषय का पूर्ण ज्ञाता— पारंगत
- जिसमेँ से आर–पार देखा जा सकता हो— पारदर्शी
- जो परलोक से संबंधित हो— पारलौकिक
- मार्ग मेँ खाने के लिए भोजन— पाथेय
- जिसका संबंध पृथ्वी से हो— पार्थिव
- ज्ञात इतिहास के पूर्व समय का— प्रागैतिहासिक
- स्थल का वह भाग जिसके तीन ओर पानी हो— प्रायद्वीप
- जिसको देखकर अच्छा लगे— प्रियदर्शी
- पीने की इच्छा रखने वाला— पिपासु
- बार–बार कही गई बात— पुनरुक्ति
- जिसका पुनः जन्म हुआ हो— पुनर्जन्म
- पहले किया गया कथन— पूर्वोक्त
- दोपहर से पहले का समय— पूर्वाह्न
- प्राचीन इतिहास का ज्ञाता— पुरातत्त्ववेत्ता
- पीने योग्य पदार्थ— पेय
- पिता एवं प्रपिताओँ से संबंधित— पैतृक
- जो सम्पत्ति पिता से प्राप्त हो— पैतृक सम्पत्ति
- फटे–पुराने कपड़े पहनने वाला— फटीचर
- केवल फलोँ पर निर्वाह करने वाला— फलाहारी
- फल की इच्छा रखने वाला— फलेच्छु
- बुरी किस्मत वाला— बदकिस्मत
- बुरे मिजाज (आचरण) वाला— बदमिजाज
- सूर्योदय से पहले दो घड़ी तक का समय— ब्रह्ममुहूर्त
- जीवन का प्रथम आश्रम— ब्रह्मचर्याश्रम
- बहुत विषयोँ का जानकार— बहुज्ञ
- जिसने सुनकर अनेक विषयोँ का ज्ञान प्राप्त किया हो— बहुश्रुत
- समुद्र मेँ लगने वाली आग— बड़वानल
- जो अनेक रूप धारण करता हो— बहुरूपिया
- बहुत से देवताओँ के अस्तित्व मेँ विश्वास करने वाला मत— बहुदेववाद
- काफी अधिक कीमत का— बहुमूल्य
- अनेक भाषाओँ को जानने वाला— बहुभाषाविद्
- रात का भोजन— ब्यालू/रात्रिभोज
- जिस स्त्री के कोई संतान नहीँ हुई हो— बाँझ
- खाने का इच्छुक— बुबुक्षु
- किसी भवनादि के खंडित होने के बाद बचे भाग— भग्नावशेष
- भय के कारण बेचैन— भयाकुल
- भाग्य पर भरोसा रखने वाला— भाग्यवादी
- जो भाग्य का धनी हो— भाग्यवान
- दीवारोँ पर बने हुए चित्र— भित्तिचित्र
- जो पृथ्वी के भीतर का ज्ञान रखता हो— भूगर्भवेता
- धरती पर चलने वाला जन्तु— भूचर
- जो पहले था या हुआ— भूतपूर्व
- धरती को धारण करने वाला पर्वत— भूधर
- औषधियोँ का जानकार— भेषज
- प्रातःकाल गाया जाने वाला राग— भैरवी
- सूर्योदय के पहले का समय— भोर
- भूगोल से संबंधित— भौगोलिक
- फूलोँ का रस— मकरंद
- दोपहर का समय— मध्याह्न
- सर्दी मेँ होने वाली वर्षा— महावट/मावठ
- हाथी को हाँकने वाला— महावत
- सुख एवं दुःख मेँ एक समान रहने वाला— मनस्वी
- जिसकी आँखेँ मगर जैसी हो— मकराक्ष
- किसी मत का अनुसरण करने वाला— मतानुयायी
- दो पक्षोँ के बीच मेँ पड़कर फैसला कराने वाला— मखत्राता/यज्ञरक्षक
- जो बहुत ऊँची अकांक्षा/इच्छा रखता हो— महत्वाकांक्षी
- जिसकी बुद्धि कमजोर है— मन्दबुद्धि/मतिमान्द्य
- जिसकी आत्मा महान हो— महात्मा
- किसी चीज के मर्म का ज्ञाता— मर्मज्ञ
- मध्यरात्रि का समय— मध्यरात्र
- मन का असीम दुःख— मनस्ताप
- जहाँ केवल रेत ही रेत हो— मरुस्थल
- माँस आदि खाने वाला— माँसाहारी
- माह मेँ होने वाला— मासिक
- माता की हत्या करने वाला— मातृहंता
- कम खाने वाला— मिताहारी
- कम खर्च करने वाला— मितव्ययी
- जो असत्य बोलता हो— मिथ्यावादी
- जिस स्त्री की आँखेँ मछली के समान होँ— मीनाक्षी
- थोड़ा खिला हुआ फूल— मुकुल
- शुभ कार्य हेतु निकाला गया समय— मुहूर्त
- दिल खोलकर कहना— मुक्तकंठ
- मुद्रा का अधिक चलन/प्रसार— मुद्रास्फीति
- मरणासन्न अवस्थावाला/शक्ति के अनुसार— मुमूषु
- मरने की इच्छा— मुमूर्षा
- मोक्ष की इच्छा रखने वाला— मुमुक्षु
- चुपचाप देखने वाला— मूकदर्शक
- हरिण के नेत्रोँ जैसी आँखोँ वाली— मृगनयनी
- जो मीठी वाणी बोलता हो— मृदुभाषी
- जिसने मृत्यु को जीत लिया हो— मृत्युंजय
- कमल की डंडी— मृणाल
- जो रचना किसी व्यक्ति की अपनी स्वयं की हो एवं नई हो— मौलिक
- जुड़वाँ भाई या बहन— यमल/यमला
- रंगमंच का परदा— यवनिका
- शक्ति के अनुसार करना— यथाशक्ति
- जैसा चाहिए, उचित हो वैसा— यथोचित
- जो यंत्र से संबंधित हो— यांत्रिक
- जब तक जीवन रहे— यावज्जीवन/जीवनपर्यँत
- घूम–घूमकर जीवन बिताने वाला— यायावर
- समाज को नई दिशा देकर नए युग की शुरुआत करने वाला— युगप्रवर्तक
- अपने युग का ज्ञान रखने वाला— युगद्रष्टा
- यज्ञ–स्थान पर स्थापित किया जाने वाला खंभा— यूप
- रात को कुछ भी दिखाई नहीँ देने वाला रोग— रतौँधी
- किसानोँ से भूमि कर लेने वाला सरकारी विभाग— राजस्व विभाग
- राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने वाला पत्र— राजपत्र(गजट)
- जिसके नीचे रेखाएँ लगाई गई होँ— रेखांकित
- प्रेम, आनन्द, भय आदि से रोँगटे खड़े होने की दशा— रोमांच
- प्रसन्नता से जिसके रोँगटे खड़े हो गए होँ— रोमांचित
- जो लकड़ी काटकर जीवन बिताता हो— लकड़हारा
- जिसका वंश लुप्त हो गया हो— लुप्तवंश
- लोभी स्वभाव वाला— लुब्ध/लोभी
- जिसे देखकर रोँगटे खड़े होँ जाएँ— लोमहर्षक
- वंश परम्परा के अनुसार— वंशानुगत
- जिसके हाथ मेँ वज्र हो— वज्रपाणि
- बहुत ही कठोर और बड़ा आघात— वज्राघात
- बचपन और यौवन के मध्य की उम्र— वयसंधि
- जिसका वर्णन न किया जा सके— वर्णनातीत
- अधिक बोलने वाला— वाचाल
- सन्तान के प्रति प्रेम— वात्सल्य
- मुकदमा दायर करने वाला— वादी
- भाषण देने मेँ चतुर— वाग्मी
- जिसका वाणी पर पूर्ण अधिकार हो— वाचस्पति
- सामाजिक मानमर्यादा के विपरीत कार्य करने वाला— वामाचारी
- गृह–निर्माण संबंधी विज्ञान— वास्तुविज्ञान
- बाहर के तापमान का असर रोकने हेतु की जाने वाली व्यवस्था— वातानुकूलन
- वह कन्या जिसके विवाह करने का वचन दे दिया गया हो— वाग्दता
- जिसमेँ विष मिला हुआ हो— विषाक्त
- जिस पर विश्वास किया जा सके— विश्वस्त
- जिस विषय मेँ निश्चित मत न हो— विवादास्पद
- जिसकी पत्नी मर चुकी हो— विधुर
- स्त्री जिसका पति मर गया हो— विधवा
- सौतेली माँ— विमात
- जो दूसरी जाति का हो— विजातीय
- जिस पर अभी विचार चल रहा हो— विचाराधी
- वह स्त्री जो पढ़ी–लिखी व ज्ञानी हो— विदुषी
- अपना हित–अहित सोचने मेँ समर्थ— विवेकी
- अपनी जगह से अलग किया हुआ— विस्थापित
- जिसके अंदर कोई विकार आ गया हो— विकृत
- जो अपने धर्म के विरुद्ध कार्य करने वाला हो— विधर्मी
- जो विधि/कानून के अनुसार सही हो— विधिवत्/वैध
- किसी विषय का विशेष ज्ञान रखने वाला— विशेषज्ञ
- विनाश करने वाला— विध्वंसक
- जिसके शरीर के भाग मेँ कमी हो— विकलांग
- जिसे व्याकरण का पूरा ज्ञान हो— वैयाकरण
- सौ वर्षोँ का समूह— शताब्दी
- जो शरण मेँ आ गया हो— शरणागत
- शरण की इच्छा रखने वाला— शरणार्थी
- हाथ मेँ पकड़कर चलाया जाने वाला हथियार जैसे तलवार— शस्त्र
- सौ वस्तुओँ का संग्रह— शतक
- जो सौ बातेँ एक साथ याद रख सकता है— शतावधानी
- जिसके स्मरण मात्र से ही शत्रु का नाश हो/शत्रु का नाश करने वाला— शत्रुघ्न
- जिसका कोई आदि और अंत न हो— शाश्वत
- शाक, फल और फूल खाने वाला— शाकाहारी/निरामिष
- जिस शब्द के दो अर्थ होँ— शिलष्ट
- शिव का आलय (स्थान)— शिवालय
- शुभ चाहने वाला— शुभेच्छु/शुभाकांक्षी
- अनुसंधान के लिए दिया जाने वाला अनुदान— शोधवृत्ति
- जो सुनने योग्य हो— श्रव्य/श्रवणी
- जिसमेँ श्रद्धा भावना हो— श्रद्धालु
- पति/पत्नी का पिता— श्वसुर
- पति/पत्नी की माता— श्वश्रू (सास)
- पति/पत्नी का भाई— श्वशुर्य (साला)
- जिसके छह कोण होँ— षट्कोण
- जिसके छह पद होँ (भौँरा)— षट्पद
- छह–छह माह मेँ होने वाला— षण्मासिक
- सोलह वर्ष की अवस्था वाली स्त्री— षोडशी
- दो नदियोँ के मिलने का स्थान— संगम
- इन्द्रियोँ को वश मेँ रखने वाला— संयमी
- जो समाचार भेजता है— संवाददाता
- एक ही माँ से उत्पन्न भाई/बहन— सहोदर/सहोदरा
- सात सौ दोहोँ का समूह— सतसई
- जो गुण–दोषोँ का विवेचन करता हो— समालोचक
- सब कुछ जानने वाला— सर्वज्ञ
- जो समान आयु का हो— समवयस्क
- जो सभी को समान दृष्टि से देखता हो— समदर्शी
- साहित्यिक गुण–दोषोँ की विवेचना करने वाला— समीक्षक
- वह स्त्री जिसका पति जीवित हो— सधवा
- जो सदा से चला आ रहा हो— सनातन
- अन्य लोगोँ के साथ गाया जाने वाला गीत— सहगान
- उसी समय मेँ होने वाला/रहने वाला— समकालीन
- साथ पढ़ने वाला— सहपाठी
- जो दूसरोँ की बात सहन कर सकता हो— सहिष्णु
- छूत या संसर्ग से फैलने वाला रोग— संक्रामक
- जो एक ही जाति के होँ— सजातीय
- गीतोँ की धुन बनाने वाला— संगीतकार
- रस पूर्ण— सरस
- साथ काम करने वाला— सहकर्मी
- सबको प्रिय लगने वाला— सर्वप्रिय
- सद् आचरण रखने वाला— सदाचारी
- ज्ञान देने वाली देवी— सरस्वती
- जो अपनी पत्नी के साथ हो— सपत्नीक
- सत्य के लिए आग्रह— सत्याग्रह
- शर्तोँ के साथ काम करने का समझौता— संविदा
- जो सत्य बोलता हो— सत्यवादी/सत्यभाषी
- संहार करने वाला/मारने वाला— संहारक
- जिसका चरित्र अच्छा हो— सच्चरित्र
- न बहुत ठण्डा न बहुत गर्म— समशीतोष्ण
- जो सब कुछ खाता हो— सर्वभक्षी
- सब कुछ पाने वाला— सर्वलब्ध
- जो समस्त देशोँ/स्थानोँ से संबंधित हो— सार्वभौमिक
- रथ हाँकने वाला— सारथि
- जो पढ़ना–लिखना जानता है— साक्षर
- सप्ताह मेँ एक बार होने वाला— साप्ताहिक
- सभी लोगोँ के लिए— सार्वजनिक
- आकार से युक्त (मूर्तिमान)— साकार
- जो सब जगह विद्यमान हो— सर्वव्यापी
- जिसकी ग्रीवा सुंदर हो— सुग्रीव
- जो सोया हुआ हो— सुषुप्त
- सधवा रहने की दशा या अवस्था— सुहाग
- पसीने से उत्पन्न जीव (जैसे जूँ आदि)— स्वेदज
- किसी संस्था या व्यक्ति के पचास वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— स्वर्ण जयंती
- स्त्री के स्वभाव जैसा— स्त्रैण
- गतिहीन रहने वाला— स्थावर
- जिसको सिद्ध करने के लिए अन्य प्रमाणोँ की जरूरत न हो— स्वयंसिद्ध/स्वतः प्रमा
- अपनी ही इच्छानुसार पति का वरण करने वाली— स्वयंवरा
- जो स्वयं भोजन बनाकर खाता हो— स्वयंपाकी
- जो अपने ही अधीन हो— स्वाधीन
- जो अपना ही हित सोचता हो— स्वार्थी
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- ऐसा बयान जो शपथ सहित दिया गया हो— हलफनामा
- दूसरे के काम मेँ दखल देना— हस्तक्षेप
- ऐसा दुःख जो हृदय को चीर डाले— हृदय विदार
- हृदय से संबंधित— हार्दिक
- जिस पर हँसी आती हो/जो हँसी का पात्र हो— हास्यास्पद
- किसी संस्था या व्यक्ति के साठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— हीरक जयंती
- जो बात हृदय मेँ अच्छी तरह बैठ गई हो— हृदयंगम
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विभिन्न प्रकार की इच्छाएँ:
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