राजस्थान का एकीकरण - Notes about Rajasthan
राजस्थान का एकीकरण - Very Important Notes About Rajasthan
- जॉर्ज थॉमस ने सन् 1800 में राजस्थान को राजपूताना नाम दिया।
- जेम्स टॉड ने ‘एनल्स एण्ड एण्टीक्यूटिस ऑफ राजस्थान’ पुस्तक में सन् 1829 में राजपूताना को राजस्थान नाम दिया।
- जेम्स टॉड जो 1800-1822 तक मेवाड़, जोधपुर, जैसलमेर, कोटा का पॉलिटिक्ल एजेन्ट रह चुका था।
- कर्नल टॉड ने दोनो पुस्तक ब्रिटेन जाकर लिखी थी। ‘ट्रेवल्स इन वेस्टर्न इण्डिया’
- एकीकरण से पहले राजस्थान में 19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, कुषलगढ़, लावा), अजमेर-मेरवाड़ केन्द्र शासित प्रदेष था।
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| Rajasthan ka Ekikarn |
- माउण्ट आबू A.A.G का मुख्यालय था।
- सबसे बड़ी रियासत:- मारवाड़ (जोधपुर)
- सबसे प्राचीन रियासत:- मेवाड़
- सबसे नयी रियासत:- झालावाड़ (झाला मदन सिंह ने 1835 में स्थापित की थी)
- झालिम सिंह का पुत्र मदन सिंह था।
- 1832 में नसीराबाद छावनी की स्थापना हुई, जो राजस्थान की सबसे शक्तिषाली छावनी थी।
- छः छावनी:- नसीराबाद, एरिनपुरा, ब्यावर, नीमच, खेरवाड़ा, देवली।
- खेरवाड़ा (उदयपुर), नीमच (चित्तौड़गढ, वर्तमान मध्यप्रदेष में), एरिनपुरा (जोधपुर, वर्तमान पाली), देवली (टोंक)
► मत्स्य संघ:-
- इसकी स्थापना 18 मार्च, 1948 को की गई थी।
- अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर
- इनका एकीकरण सर्वप्रथम करने का कारण गांधीजी की हत्या में इनकी भूमिका मानी जा रही थी तथा ये जनसंख्या व आय की दृष्टि से छोटी रियासते थे।
- राजधानी:- अलवर
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- मत्स्य जनपद में मुख्य रूप से अलवर था (विराट नगर)
- महाराजा धौलपुर को राजप्रमुख बनाया गया, जिनका नाम था उदयभानसिंह
- प्रधानमंत्री :- शोभाराम कुमावत
- उद्घाटन:- एन.वी.गॉडगिल (अर्थषास्त्री)
► राजस्थान संघ:-
- इसकी स्थापना 25 मार्च, 1948 को की गयी थी।
- इस चरण में सर्वांधिक रियासतों का एकीकरण किया गया:- कोटा, बूंदी, किषनगढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, झालावाड़, शाहपुरा, टोंक, कुषलगढ़ (ठिकाना, बांसवाड़ा)
- राजधानी:- कोटा, उद्घाटन:- गॉडगिल
- राजप्रमुख:- कोटा का भीमसिंह
- प्रधानमंत्री:- गोकुल लाल असावा
► संयुक्त राजस्थान:-
- इसकी स्थापना 18 अप्रैल, 1948 को की गईं थी।
- उदयपुर रियासत को राजस्थान संघ में मिलाया गया।
- राजप्रमुख:- उदयपुर के भोपालसिंह (भूपालसिंह)
- उप-राजप्रमुख कोटा को बनाया गया (भीमसिंह)
- प्रधानमंत्री:- माणिक्यलाल वर्मा कों
- राजधानी:- उदयपुर, उद्घाटनकर्त्ता:- नेहरू
► वृहद् राजस्थान:-
- इसकी स्थापना 30 मार्च, 1949 को की गई थी।
- चार रियासतों का संयुक्त राजस्थान में विलय कर वृहद् राजस्थान बनाया।
- जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर
- सार्दुलसिंह ने सबसे पहले विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए फिर जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर ने किए।
- राजधानी:- जयपुर
- आजीवन राजप्रमुख्या:- मानसिंह
- भूपालसिंह को महाराज प्रमुख बनाया गया।
- प्रधानीमंत्री:- हीरालाल शास्त्री
- उद्घाटन:- वल्लभ भाई पटेल ने किया।
► संयुक्त वृहद् राजस्थान:-
- इसकी स्थापना 15 मई, 1949 को की गई थी। (मत्स्य संघ व नीमराणा ठिकाना)।
- मत्स्य संघ का वृहद् राजस्थान में विलय किया गया।
- धौलपुर व भरतपुर उत्तरप्रदेष में मिलना चाहते थे।
- लेकिन पटेल के कारण व भारत सचिव वी.पी.मेनन के प्रयासों से इनका विलय राजस्थान मं किया गया।
- राजस्थान:- इस चरण में 26 जनवरी, 1950 को सिरोही को संयुक्त वृहद् राजस्थान में मिलाया गया।
► वर्तमान राजस्थान:-
- 1 नवम्बर, 1956 को अजमेर-मेरवाड़, आबू, मध्यप्रदेष का सुनेलटपा को राजस्थान में मिलाया गया। राजस्थान का सिरौंज जो पहले कोटा के अन्तर्गत आता था, उसे मध्यप्रदेष में मिलाया गया।
- उपयुक्त सभी को विलय करने के लिए फजल अली समिति का गठन किया गया था।
- 1 नवम्बर, 1956 को राजस्थान का पूर्ण रूप से गठन हुआ। गठन के समय 26 जिले थें।
- 15 अप्रैल, 1982 को धौलपुर को 27 वां जिला घोषित किया गया।
- 10 अप्रैल, 1991 को बांरा, दौसा, राजसमंद को जिला घोषित किया गया।
- जुलाई, 1994 में को हनुमानगढ़ को 31 वां जिला घोषित किया गया।
- 19 जलाई, 1997 को करौली को 32 वां जिला घोषित किया गया।
- 26 जनवरी, 2008 को प्रतापगढ़ को 33 वां दिला घाषित किया गया।
- सर्वांधिक प्रवीपर्स (सालाना खर्च) मेवाड़ को दिया गया था।
- मेवाड़ के महाराणा का उद्देष्य ‘युनाइटेड स्टेट ऑफ राजस्थान’ बनाने का था।
- इन्हें संतुष्ट करेन के लिए संयुक्त राजस्थान के संविधान में संषोधन कर इसे ‘यूनाइटेड स्टेट ऑफ राजस्थान’ नाम दिया गया था।
Good article
जवाब देंहटाएंHelps a lot
http://www.insightonras.com/integration-of-rajasthan/